राहत पैकेज की 5वीं किस्‍त : वित्‍त मंत्री ने किए ये सात बड़े एलान

 

 

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आत्‍मनिर्भर भारत राहत पैकेज के तहत 5वीं और अंतिम किस्‍त की घोषणा की. सीतारमण ने इसमें मुख्‍य रूप से सात बड़े एलान किए. आइए, इनके बारे में विस्तार से जानते हैं

1. मनरेगा के लिए और 40,000 करोड़

सरकार अब मनरेगा के लिए अतिरिक्त 40,000 करोड़ रुपये आवंटित करेगी. बहुत सारे प्रवासी मजदूर अपने गांव जा रहे हैं. इसलिए उसने कुछ प्रावधान किए हैं ताकि अगर वे भी मनरेगा में जुड़ना चाहें तो नामांकन करा सकते हैं. इससे ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था को बढ़ावा मिलेगा. यह बजट में मनरेगा के लिए आवंटित 61000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त है.

2. स्‍वास्‍थ्‍य एवं शिक्षा के लिए इनोवेटिव प्रोग्राम

वित्‍त मंत्री ने कहा कि तकनीक की मदद से कोरोना के समय में शिक्षा देने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं. पीएम ई-विद्या प्रोग्राम डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा के लिए मल्टीमोड एक्सेस होगा. ये राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सभी कक्षाओं के लिए ई-कन्टेंट, क्‍यूआर कोडेड पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करवाएगा.

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का नाम ‘वन नेशन वन डिजिटल प्लेटफॉर्म’ होगा. प्रत्येक क्लास के लिए एक चिन्हित चैनल भी होगा. ‘वन क्लास वन चैनल’ के नाम से इसे शुरू किया जा रहा है. 30 मई से टॉप 100 यूनिवर्सिटी को अपने आप ऑनलाइन कोर्स शुरू करने की अनुमति दी जाएगी.

सभी जिलों के अस्पतालों में संक्रामक रोग ब्लॉक होंगे. ग्रामीण इलाकों में लैब नेटवर्क पर्याप्त नहीं हैं. इसलिए सभी ब्लॉक स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब तैयार की जाएंगी.

 

3. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का दायरा बढ़ेगा

वित्‍त मंत्री ने छोटे उद्योगों के लिए बड़ी राहत का एलान किया है. इसके तहत कोरोना वायरस की वजह से कर्ज न दे पाने को ‘डिफॉल्‍ट’ की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाएगा. दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के लिए सीमा बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है. यह पहले 1 लाख रुपये थी. इस तरह बड़ी संख्‍या में एमएसएमई दिवालिया प्रक्रिया में जाने से बच जाएंगी. सेक्‍शन 240ए के तहत एमएसएमई के लिए स्‍पेशल इनसॉल्‍वेंसी रेजोल्‍यूशन फ्रेमवर्क जल्‍द ही अधिसूचित किया जाएगा.

4. कंपनीज एक्‍ट में बदलाव होगा

सरकार ने कंपनीज एक्‍ट में बदलाव करने का एलान किया है. इसमें डिफॉल्‍ट को लेकर बड़ी राहत दी जाएगी. सात दंडनीय अपराधों को पूरी तरह से हटाया जाएगा. 5 तरह के मामलों को वैकल्पिक फ्रेमवर्क के तहत डील किया जाएगा. तकनीकी और प्रक्रियागत डिफॉल्‍ट से जुड़े उल्‍लंघनों को डीक्रीमिनलाइज किया जाएगा.

5. भारतीय कंपनियों को विदेशी बाजारों में लिस्टिंग की अनुमति

अब भारतीय कंपनियां विदेश में सीधे अपनी प्रतिभूतियों को लिस्‍ट करा सकती हैं. स्‍टॉक एक्‍सचेंज पर जिन कंपनियों के नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) लिस्‍ट हैं, उन्‍हें लिस्‍टेड नहीं माना जाएगा.

6. नई पीएसई पॉलिसी लाएगी सरकार

सरकार पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइज (पीएसई) के लिए नई नीति लाएगी. इसके तहत सभी क्षेत्रों को निजी सेक्टर के लिए भी खोल दिया जाएगा. नई नीति में सेक्‍टरों को मोटे तौर पर स्ट्रेटेजिक सेक्टर और अन्य में बांटा जाएगा. स्ट्रेटेजिक सेक्टर जिसमें पीएसई मौजूद रहेंगी, उसकी अधिसूचना दे दी जाएगी. जिन सेक्टर में पीएसई की अधिसूचना दी जाएगी, उनमें कम से कम एक पीएसई मौजूद होगी, लेकिन 4 से ज्यादा नहीं. निजी क्षेत्र को भी इसमें अपनी भूमिका निभाने की अनुमति दी जाएगी. अगर किसी अधिसूचित स्ट्रेटेजिक सेक्टर में 4 से ज्यादा पीएसई हैं तो उनका आपस में विलय कर दिया जाएगा.

7. राज्‍यों को विशेष मदद

वित्‍त मंत्री ने कहा कि राज्यों की तरह केंद्र को भी कोरोना से राजस्‍व में भारी गिरावट का सामना करना पड़ा है. इसके बाद भी केंद्र राज्यों की लगातार मदद कर रहा है. अप्रैल के पहले सप्ताह में एसडीआरएफ के लिए एडवांस 11,092 करोड़ रुपये का फंड रिलीज किया गया. एंटी-कोविड गतिविधियों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने 4,113 करोड़ रिलीज किए.

राज्य स्तर के सुधारों को बढ़ावा देने के लिए उधार के एक हिस्से को निवेश के माध्यम से रोजगार बढ़ाने और शहरी विकास, स्वास्थ्य व स्वच्छता को बढ़ावा देने जैसे जरूरी सुधारों से जोड़ा जाएगा.

 

शोभित अग्रवाल

 

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