रिलायंस के छुपे रूस्तम को भारत मे न ही कोई बाहर जानता है , मीडिया से सदैव दूर रहने वाले है मनोज मोदि । ।

राधेश्याम चौहान जी की रिपोर्ट ।

मनोज मोदी आज कारपोरेट जगत में बेहद पावरफुल व्यक्ति है ril की कामयाबी मे मनोज मोदी रणनीति और मेहनत का ही रंग है जो आज ril कामयाबी के शिखर पर है।

मनोज मोदी आरआईएल में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत है। वह आरआईएल के हर निणर्य मे अहम भूमिका निभाते है। शुरू से अंत हर होने सौदे की संभावनाओ पर अपनी नजर बनाये रखते है। फेसबुक के साथ जियो की डील अंतिम मुहर मोदी ने ही लगाई थी।

कौन है मनोज मोदी यह जानते है।

मनोज मोदी और मुकेश अंबानी दोनो क्लासमेट थे । दोनो कालजज प्रथम बार मिले फिर दोनो दोस्ती हो गई। 1980 मे वह रिलायंस के साथ जोड़े 2007 मे रिलायंस रिटेल के सीईओ बन गये। मोदी ने अंबानी परिवार तीनो पीढियों के साथ काम कर चुके है।

मोदी संकोची स्वभाव और सदैव मीडिया से दूर रहने वाले है वह मुकेश अंबानी के दाहिने हाथ के रुप मे देखे जाते है । मोदी ने अप्रैल मे फेसबुक के साथ 5.7 अरब डालर के लिये बातचीत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और डील को अपनी मंजिल तक पहुचाया।

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आज ril इंटरनेट टेक्नोलॉजी मे अपने विशाल समूह का का विस्तार कर रही है उसके पीछे मनोज मोदी ही है। ग्रुप के जियो मे फेसबुक के निवेश के बाद उन्होंने कई प्राइवेट -इक्विटी फंड्स से सौदे किये । इस उन्होंने 13 अरब डालर की राशि जुटाने कामयाब रहे।
रिलायंस अपने 20 अरब डालर का कर्ज उतारने की कोशिश कर रही है।

रिलायंस ने कहा है वह हर हाल अपना कर्ज उतर देगी। जियो प्लेटफार्म का भविष्य प्लान क्या है यह बहुत कम लोगो पता है । कहा जा रहा है अगले चरण मे डिजिटल व्यापार के रोल मे हो रहा है। और मनोज मोदी जी अपनी रणनीति बना रहे है ।

दुनिया मे निवेश करने की अलग अलग नियम और विधि है ।दुनिया मे सबसे ज्यादा निवेश के जो नियम लोकप्रिय है प्रगति, मूल्य और उल्टा निवेश के नियम है । हमे समझना चाहिए हमारे लिये कौन सा नियम बेहतर और अनूकूल है।

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प्रगति निवेश नियम:- इनमें उन कपनियों के शेयरो मे निवेश किया जाता है जिनमे औसत से बेहतर करने के संकेत मिल रहे हो चाहे शेयर का मूल्यांकन आमदनी के अनुपात या बुक वैल्यू मे ज्यादा हो इसमे शेयर मे लंबी अवधि के लिये निवेश किया जाता है ।

मूल्य निवेश नियम :- मूल्य निवेश और अनुमान है। इस निवेश को बेन ग्राहम ने जोर दिया । यह प्रगति के एकदम उल्टा है। इसमे कंपनियों के बुनियादी घटको विश्लेषण किया जाता है और जो शेयर अंडरप्राइस होता है उसको खरीद लिया जाता है।

कुछ लोग इस नियम को उल्टा निवेश समझ लेते है जो गलत है। इसमे केवल बुनियादी घटको विश्लेषण के आधार निवेश किया जाता है । इसमे बाजार के संटीमेट से कोई लेना देना नही होत। इसके विपरीत उल्टे निवेश के नियम संटीमेट का बहुत महत्वपूर्ण रोल होता है।

उल्टा निवेश नियम:- जब आमधारणा के विपरीत निवेश किया जाता है उसको उल्टा निवेश(कट्रारियन) कहा जाता है। निवेश तब किया जाता है जब जनसाधारण को गलत है निवेश करने का समय गलत है। वर्तमान मे दो महीने पहले सबको लग रहा था यह समय निवेश का सही समय नही है कारोना के कारण बाजार और नीचे जायेगा जबकि उसके विपरीत दो महीने निफ्टी 25 प्रतिशत और कुछ शेयरो ने 50 100 का रिर्टन दे दिया है। उल्टा निवेश करने वालो मे प्रमुख वारेन बफे, डेविड ड्रेमन है। इस शैली निवेश करने वाला व्यक्ति pe, book value, eps अनुपात पर पर विश्लेषण करता है। वह बाजार के सेंटीमेंट पर गौर करता है। और जब बाजार के सेटीमेट बैकार(उल्टे) होते जब निवेश करता है क्योंकि बाजार सदैव उल्टी दिशा मे नही चलता ।

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उल्टा निवेश को अक्सर मूल्य आधारित मे बदला जा सकता है । यह निवेश उन कम्पनियों किया जाता जिनकी शेयर की कीमत भविष्यवाणी की जा सकती है।

वारेन बफे “मै बताऊगा कि आप अमीर कैसे बन सकते है । दरवाजे बंद कीजिए। जब दूसरे लालची हो तब भयभीत रहिए। जब दूसरे डरे हो तो लालची बन जाइए।

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