उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला, इस सेवा के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य।

बृहस्पतिवार को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखंड ऑन डिमांड (सूचना प्रौद्योगिकी आधारित) ठेका गाड़ी नियमावली 2020 को मंजूरी दे दी गई है l उत्तराखंड में कोई भी व्यक्ति या एजेंसी बिना लाइसेंस ऑनलाइन टैक्सी का संचालन नहीं कर सकेगी। परिवहन विभाग ने इसकी नियमावली बना दी है।

ऑनलाइन टैक्सी सेवा का लाभ लेने वाले यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने यह योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में परिवहन विभाग ने कैबिनेट के समक्ष नियमावली का प्रस्ताव रखा। नियमावली के तहत ऑनलाइन टैक्सी सेवा के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य हो गया है।

Also Read  छोटी सी बात पर युवक ने की ग्राम प्रधान की गोली मारकर हत्या, पूरे परिवार को मारना चाहता था युवक

यह नियमावली राज्य में यानी ऑनलाइन कैब बुकिंग संचालन एजेंसियों पर लागू होगी। कोई भी व्यक्ति तब तक एग्रीगेटर के रूप में कार्य नहीं करेगा, जब तक उसने लाइसेंस प्राप्त नहीं कर लिया हो। वे सभी एजेंट जो फोन या वेब आधारित एप्लीकेशन के माध्य से यात्री परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने का कारोबार कर रहे हैं, वे सभी इस नियमावली के दायरे में आ गए हैं।

नियमावली में लाइसेंस देने या उसके नवीनीकरण का आवेदन शुल्क पांच हजार रुपये रखा गया है। इसके अलावा साढ़े पांच वर्ष के लिए 10 लाख रुपये की बैंक गारंटी भी देनी होगी। नियमों की अनदेखी करने की स्थिति में ये बैंक गारंटी जब्त हो जाएगी। नियमावली के तहत यात्रा की दूरी, समय मीटर और किराया आदि के बारे में यात्रियों के लिए एक सूचना तंत्र बनाया जाएगा। यात्रा के प्रारंभ से लेकर गंतव्य तक के पूरे विवरण की एक रसीद भी यात्री की ईमेल या मोबाइल फोन पर देनी होगी।

Also Read  अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने वाले यात्रियों के लिए जारी नए दिशानिर्देश

यात्रियों और चालकों के लिए कॉल सेंटर सेवा का संचालन करने वाली एजेंसी को ग्राहकों व चालकों के लिए एक कॉल सेंटर उस अवधि तक संचालित करना होगा, जिस अवधि तक सेवाएं देने का प्रावधान किया गया है।

यात्रियों की सुरक्षा पर खास जोर
प्रस्तावित नियमावली में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। एजेंसी वाहन चालक की पहचान सुनिश्चित करेगी। मोबाइल एप्लीकेशन में ऐसा प्रावधान करना होगा, जो यात्रियों को उनके सुरक्षा नेटवर्क के भीतर न्यूनतम दो व्यक्तियों से उनकी स्थिति साझा करने की सुविधा उपलब्ध कराए। पुलिस सत्यापन के माध्यम से प्रत्येक चालक की पृष्ठभूमि जानी जाएगी। किसी बीमार व्यक्ति को सेवा देने से इनकार नहीं किया जा सकेगा। यात्रा के दौरान हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक या अन्य घातक स्थिति पैदा होने पर चालक यात्री को नजदीकी अस्पताल ले जाएगा। नशे में वाहन चलाने की शिकायत पर चालक की प्लेटफार्म पर पहुंच को तत्काल रोक दिया जाएगा। ये रोक जांच तक बनी रहेगी।

Also Read  राज्यसभा में हंगामा करने वाले 8 सांसद निलंबित

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here