नोएडा: कोरोना मरीजों के नखरो से आइसोलेशन वार्ड का स्टाफ परेशान. कोल्ड ड्रिंक,ब्रांडेड मिनरल वाटर की मांग

एक और जहां कोरोना से बचने के लिए लोग ऊपर वाले से दुआएं मांग रहे हैं कि किसी तरह से बस इस बीमारी से उनका जीवन बचा जाए और हमारे कोरोना योद्धा इस काम को बखूबी अंजाम देने में अपनी जान जोखिम में डालकर जुटे हुए हैं. उसके बावजूद भी कुछ लोग हैं जो कभी-कभी हद पार कर जाते हैं. ऐसा ही वाकया उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित शारदा अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में देखने को मिल रहा है।

यहां पर कोरोना से संक्रमित मरीज कभी कोल्ड ड्रिंक की मांग कर रहे हैं तो कभी मिनरल वाटर की मांग कर रहे हैं और तो और इलाज में भी यह मरीज अपने हिसाब से डॉक्टरों से दवाइयां चलाने की मांग कर रहे हैं।

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डॉक्टरों ने मरीजों की ऐसी मांग पूरी नहीं की. लेकिन मरीजों की तरह-तरह की मांग से आइसोलेशन वार्ड का मेडिकल स्टाफ खासा परेशान है जबकि डॉक्टर और नर्स मरीजों को खान-पान के प्रति जागरूक करने में जुटे हुए हैं।

आपको बता दें कि इस अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में अभी तक 578 मरीज भर्ती हो चुके हैं और जिसमें से 419 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका हैं।

अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के मेडिकल स्टाफ का कहना है कि वार्ड में मरीज अजीब-अजीब तरह की मांग कर रहे हैं और इसकी जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप पर उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।

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2 मरीजों ने कोल्ड ड्रिंक की डिमांड की थी जो पूरी नहीं की गई वहीं पर एक मरीज में मिनरल वाटर मांगा और मेडिकल स्टाफ ने उसको मिनरल वाटर उपलब्ध कराया पर मरीज ने उसे लेने से इनकार कर दिया और एक खास ब्रांड का मिनरल वाटर देने की जिद करने लगा।

नोएडा सेक्टर 19 से एक मरीज ने अपने मोबाइल का चार्जर मांगा, लेकिन वहां किसी  के पास चार्जर उपलब्ध ना होने पर उस मरीज ने अपनी नाराजगी जाहिर की।

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आइसोलेशन वार्ड से मरीज अपने परिचितों से फोन पर बात करते हैं और वहां से जानकारी मिलने पर मरीज इलाज में दवाई बदलने की मांग करते हैं। यहां तक कुछ मरीज खांसी की दवाई भी अपनी मर्जी से चलाने का दबाव मेडिकल स्टोर पर डालते रहे हैं।

वहां के डॉक्टरों का कहना है कि राज्य सरकार के दिशा निर्देश पर इलाज किया जाता है और इसके अलावा अन्य दवाई नहीं दी जा सकती।

इलाज और सुविधाओं के प्रति कोरोना मरीजों को जागरूक करना पड़ता है ताकि वह अजीब तरह की मांग ना करें

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