लाकडाउन में यात्रा ढील “बाढ़ के दौरान बंद गेट को खोलने के बराबर” – चिकित्सा विशेषज्ञों की चेतावनी

कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले भारत में कम होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं, और दिन प्रतिदिन बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं. हालांकि अब राज्य सरकारों के द्वारा लाकडाउन -4.0 में छूट के बाद से लोगों का आना जाना सड़कों पर और यात्राओं में बहुत बढ़ गया.

अब भारत कोरोना वायरस से पीड़ित शीर्ष 10 देशों की सूची में शामिल हो गया है. चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है की यात्रा में दी गई प्रतिबंधों में ढील के कारण संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, और इसको खोलना किसी “बाढ़ के दौरान बंद गेट को खोलने के बराबर” है, और आने वाले वक्त में यह संक्रमण का प्रसार बहुत तेजी से फैलने के आसार दिखाई दे रहे हैं

लाकडाउन -4.0 में रेल, परिवहन और उड़ानों के संचालन और लोगों की घर वापसी पर टिप्पणी करते हुए डॉक्टर चंद्रकांत एस पांडे ने कहा कि आपने बाढ़ के लिए गेट खोल दिए हैं उन्होंने आगे कहा इससे कोरोनावायरस महामारी के संक्रमण को जंगल की आग की तरह फैलने के लिए आदर्श वातावरण तैयार करने का एक स्पष्ट उदाहरण कहा जा सकता है

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इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन और इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. चंद्रकांत एस. पांडव ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रसार के लिए दरवाजे खुल गए हैं। आने वाले कुछ दिनों में संक्रमण के मामलों में नाटकीय वृद्धि होगी.  उन्होंने यह भी कहा कि यह सच है कि हमेशा लॉक डाउन नहीं रह सकता, लेकिन  इसको खोलने की शुरुआत  बहुत सही तरीके से होनी चाहिए थी. उन्होंने कहा यात्रा से संक्रमण फैलने का खतरा होता है और सरकार को संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए और मजबूत निगरानी सुनिश्चित करनी होगी. यात्रा से संक्रमण के फैलाव की दर और ज्यादा बढ़ सकती है और जो हमें दिखाई देनी शुरू भी हो गई है

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल ने कहा की, यदि लोग आपस में बिना सामाजिक दूरी बनाए लगातार ऐसे ही लौटते रहेंगे, तो आने वाले दिनों में कोरोना से संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखने को मिलेगी. उन्होंने कहा अगले 10 दिनों में मामले दो लाख के पार चले जाएंगे और तीसरे लाकडाउन खत्म होने से पहले मामलों में वृद्धि या चौथे राउंड में मामलों की वृद्धि का जारी रहना इस बात का प्रमाण है कि लोग जरूरी सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं.

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उन्होंने आगे कहा कि मई के अंतिम सप्ताह में जब भीषण गर्मी है तब मामलों के बढ़ने का मतलब है कि सतह से मानव के प्रसार के मुकाबले, मानव से मानव में संक्रमण का प्रसार ज्यादा महत्वपूर्ण है. अधिकतर गर्मी में सतह से मानव में प्रसार का होना कम होना चाहिए था और नए मामलों में आधी कमी आनी चाहिए थी, जो नहीं हुआ इसका मतलब यह मानव से मानव बहुत अधिक फैल रहा है, और हमें ऐसी यात्राओं के दौरान सामाजिक दूरी का ध्यान रखना चाहिए जिससे कि हम इस प्रसार को रोक पाएं.

File photo – AIIMS – निर्देशक रणदीप गुलेरिया

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निर्देशक रणदीप गुलेरिया के अनुसार वर्तमान में मामलों में बढ़ोतरी अधिकतर हॉटस्पॉट क्षेत्रों से आ रही है लेकिन आने वाले दिनों में ज्यादा लोगों की यात्रा करने से कोरोना वायरस के मामलों में और वृद्धि की संभावनाएं उन्होंने आगे कहा  कि जिन लोगों में लक्षण नहीं है  यह शुरुआती लक्षण वाले लोग थर्मल स्क्रीनिंग सिस्टम से पार हो जाएंगे, और उन लाखों में जाएंगे जहां पर बहुत कम कोरोना से संक्रमित मामले हैं, या ना के बराबर मामले. ऐसे में उन इलाकों में बाद में संक्रमण की दर बढ़ सकती है.

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उन्होंने कहा कि कोरोना टेस्ट की क्षमता में बेहद बढ़ोतरी के चलने के कारण संक्रमित मामलों की संख्या में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है. उनका कहना है कि लोगों ने सड़क पर निकलना शुरू कर दी है और उचित सोशल डिस्टेंसिंग ना बनाने के कारण और हाथों की सफाई पर ध्यान ना देना उनको भारी पड़ सकता है. उन्होंने कहा है ऐसे हालात में एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से ट्रांसमिशन का फैलाव तेजी से हो सकता है.

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