Lockdown: उत्तराखंड में यूपी विधायक पर पुलिस कार्रवाई। जानिए खबर 1 मिनट में।

यूपी के महाराजगंज से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी पर टिहरी गढ़वाल पुलिस ने एक्शन लिया है। विधायक अप ने लाव लश्कर के साथ बद्रीनाथ की तरफ जा रहे थे। खबर है कि जब विधायक को रोकने की कोशिश की गई तो उन्होंने पुलिस और कोरोना वॉरियर्स के साथ बदसलूकी की।

इसके बाद जब विधायक अपने लाव लश्कर के साथ कर्णप्रयाग पहुंचे तो मौके पर एसडीएम के साथ भी तू तू मैं मैं हुई। हालांकि बाद में वहां से विधायक को 10 लोगों के साथ वापस ही लौटना पड़ा। इसके बाद खबर सामने आई टिहरी गढ़वाल की मुनी की रेती थाना पुलिस ने विधायक पर एक्शन लिया।   मुनिकीरेती थाना एसएचओ आरके सकलानी ने बताया कि लॉक डाउन के उल्लंघन के कारण विधायक का चालान काटा गया है। खबर है कि अमनमणि त्रिपाठी के काफिले को थाना मुनी की रेती मैं रोका गया। चालान काटने के बाद उनके काफिले को हरिद्वार की तरफ से भेजा

 

दरअसल अमनमणि त्रिपाठी अपने साथियों सहित तीन इनोवा कारों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता के पितृ कार्य के नाम से बदरीनाथ जा रहे थे। बताया जा रहा है कि पुलिस ने रोका तो विधायक और उनके साथियों ने एसडीएम और पुलिस कर्मियों समेत स्वास्थ्य कर्मियों से बदसलूकी की। एसडीएम वैभव गुप्ता का कहना है कि रोकने के बाद भी वे गौचर चेकपोस्ट से बदरीनाथ के लिए रवाना हुए, तो कर्णप्रयाग में बैरिकेट लगाकर इन्हें रोका गया।

विधायक के पास देहरादून से बद्रीनाथ और वहाँ से दून लौटने के लिए 3 दिन की यात्रा का एक पास था। ये पास अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश के हस्ताक्षर वाला था। इस पास पर लिखा था कि विधायक और उनके साथी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पितृ पूजन के लिए बद्रीनाथ जा रहे हैं, इनको यात्रा की अनुमति दी जाए। अब सवाल उठता है कि क्या ये पास फ़र्ज़ी था? अगर नहीं तो चमोली प्रशासन ने विधायक और उनके साथियों को क्यों नहीं जाने दिया? आपको बता दें कि बद्रीनाथ धाम के कपाट अभी बंद हैं और 15 मई को खुलेंगे, तो इन लोगो को कपाट खुलने से पहले बद्रीनाथ जाने की अनुमति क्यों दी गयी?
एसडीएम कर्णप्रयाग वैभव गुप्ता कहना है कि विधायक द्वारा उनसे दूरभाष में हुई बातचीत में अभद्र व्यवहार किया गया। जबकि वे उन्हें सिर्फ नियमों को बता रहे थे। प्रशासन की सख्ती के बाद विधायक वापस लौटे हैं। वहीं एसडीएम वैभव गुप्ता के इस कदम की सराहना हो रही है कि उन्होंने बिना किसी दबाव के लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया और विधायक को कानून का पाठ पढ़ाया।

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