बाबा रामदेव ने की कोरोना की दवा “Coronil” कि हरिद्वार में लॉन्चिंग, जानिए पूरी खबर!

हमारे देश में प्राचीन काल से ही आयुर्वेद को चिकित्सा का एक विशेष दर्जा प्राप्त है। अब तो दुनिया भी आयुर्वेद का लोहा मानती है। कोरोनावायरस के वैश्विक संकट में कोरोना की दवा को लेकर आज भारतीय आयुर्वेद ने बड़ा इतिहास रच डाला जब स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के संस्थान पतंजलि ने कोरोना की आयुर्वेदिक दवा कोआज हरिद्वार में लॉन्च किया। आज ही पतंजलि की तरफ से कोविड-19 रोगियों पर रैंडमाइज्ड प्लेसबो नियंत्रित क्लिनिकल ट्रायल के परिणाम का भी खुलासा किया गया।

बाबा रामदेव के मुताबिक पतंजलि ने कोरोना की इस दवा पर लंबा रिसर्च किया है। एडवांस कंप्यूटेशनल मॉडलिंग एंड सिमुलेशन का इस्तेमाल किया गया है। 1000 फाइटोकेमिकल्स का इनसिलिको टेस्ट किया गया, 150 से ज्यादा मेडिसिनल प्लांट्स का इस्तेमाल किया गया तब जाकर इस दवा को बनाया जा सका। दावा ये है कि इस दवा के पहले चरण के ट्रायल में सैकड़ों मरीज ठीक भी हो गए जिसके बाद आज इस दवा को लॉन्च किया जाएगा।

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स्वामी रामदेव ने कहा कि पूरा देश और दुनिया जिस क्षण की प्रतीक्षा कर रहा था आज वो क्षण आ गया है। कोरोना की पहली आयुर्वेदिक दवा तैयार हो गई है। इस दवा से हम कोरोना की हर तरह की जटिलता को नियंत्रित कर पाए। इससे पहले आचार्य बालकृष्ण ने ट्वीट कर कोरोना वायरस की आयुर्वेदिक औषधी लॉन्च करने की बात कही थी। उन्होने ट्वीट कर कहा था, “कोरोना की एविडेंस बेस्ड प्रथम आयुर्वेदिक औषधि कोरोनिल का संपूर्ण साइंटिफिक डॉक्यूमेंट के साथ कल दोपहर 1:00 बजे पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से लॉन्च कर रहे हैं।” कोरोना की इस दवा पर पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट और हरिद्वार एंड नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस ने साझा रिसर्च किया है।

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वैसे दो दिन पहले एक बड़ी फार्मा कंपनी ने भी कोरोना की दवा बनाने का दावा किया है। ग्लेनमार्क ने कोरोना की दवा लॉन्च की है। ग्लेनमार्क फार्मा कंपनी ने कोरोना वायरस के माइल्ड से मॉडरेट सिंप्टम्स वाले मरीजों के इलाज के लिए एंटीवायरल दवा फैवीपिराविर लांच की है। फैवीपिराविर दवा को फैबीफ्लू ब्रांड नाम के साथ पेश किया गया है। 34 टैबलेट वाली एक पत्ती की एमआरपी 3,500 रुपए है। खास बात ये कि यह एक प्रिस्क्रिप्शन दवा होगी। इसका मतलब यह है कि डॉक्टर की सलाह के बाद ही यह मिलेगी।

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